महिलाओं के मन में अक्सर यह सवाल आता है – क्या पीरियड्स (Menstruation) के दौरान एक्सरसाइज करना सुरक्षित है या नहीं?
कुछ लोग मानते हैं कि इन दिनों में शरीर को पूरी तरह आराम देना चाहिए, जबकि कुछ रिसर्च बताती हैं कि हल्की-फुल्की एक्सरसाइज से दर्द और मूड स्विंग्स कम हो सकते हैं।
इस ब्लॉग में हम जानेंगे –
पीरियड्स में एक्सरसाइज के फायदे
किन एक्सरसाइज को करना चाहिए
किन्हें करने से बचना चाहिए
साइंस क्या कहती है
पीरियड्स के दौरान शरीर में क्या बदलाव होते हैं?
जब पीरियड्स आते हैं, तब शरीर में हार्मोनल फ्लक्चुएशन होता है –
- Estrogen और Progesterone का लेवल गिर जाता है।
- इससे थकान, पेट दर्द (cramps), सिर दर्द और मूड स्विंग्स महसूस हो सकते हैं।
- ऊर्जा का स्तर कम होने से अक्सर महिलाएं वर्कआउट छोड़ देती हैं।
लेकिन, American College of Obstetricians and Gynecologists (ACOG) और कई वैज्ञानिक स्टडीज़ बताती हैं कि हल्की एक्सरसाइज करने से इन लक्षणों को कंट्रोल किया जा सकता है।
पीरियड्स में एक्सरसाइज करने के फायदे
- पेट दर्द और क्रैम्प्स में राहत
एक्सरसाइज करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और एंडोर्फिन (happy hormones) रिलीज होते हैं, जिससे दर्द और ऐंठन कम हो सकती है। - मूड स्विंग्स और डिप्रेशन कम होता है
हल्का वर्कआउट मूड को स्टेबल करता है और स्ट्रेस हार्मोन Cortisol को कम करता है। - थकान कम होती है
कार्डियो और योग से ऊर्जा स्तर (energy level) बढ़ता है, जिससे lethargy कम होती है। - पीरियड्स रेगुलर होने में मदद
रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी हार्मोनल बैलेंस को सुधारती है।
पीरियड्स में कौन-सी एक्सरसाइज करनी चाहिए?
Low Intensity Cardio
- वॉकिंग
- हल्की साइक्लिंग
- स्विमिंग
Yoga & Stretching
- कैट-काउ स्ट्रेच
- चाइल्ड पोज़
- सुपाइन ट्विस्ट
(ये आसन पेट दर्द और bloating को कम करते हैं)
Breathing Exercises (Pranayama)
- गहरी सांस लेना तनाव और मूड स्विंग्स को कम करता है।
Strength Training (हल्का)
- हल्के वेट्स के साथ ट्रेनिंग की जा सकती है, लेकिन बहुत हैवी लिफ्टिंग से बचें।
किन एक्सरसाइज से बचना चाहिए?
हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट (HIIT)
हैवी वेट लिफ्टिंग
जंपिंग और हैवी कार्डियो
बहुत ज़्यादा पेट पर दबाव डालने वाले आसन
ये एक्सरसाइज शरीर पर अतिरिक्त तनाव डालती हैं और पीरियड्स की असुविधा बढ़ा सकती हैं।
पीरियड्स में एक्सरसाइज करते समय ध्यान देने योग्य बातें
अपने शरीर की सुनें – अगर बहुत ज्यादा थकान या दर्द हो तो आराम करें।
हाइड्रेटेड रहें – पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स लेते रहें।
कॉटन कपड़े पहनें ताकि पसीना और बदबू न रुके।
दर्द बहुत ज्यादा हो तो डॉक्टर से सलाह लें।
साइंस क्या कहती है?
- Harvard Medical School की एक स्टडी बताती है कि मध्यम स्तर की एक्सरसाइज पीरियड्स के दौरान दर्द को 25–30% तक कम कर सकती है।
- ACOG (2020) की गाइडलाइन कहती है कि हल्की से मध्यम एक्सरसाइज पूरी तरह सुरक्षित है।
- WHO भी महिलाओं को सलाह देता है कि महीने भर फिजिकल एक्टिव रहना जरूरी है, चाहे पीरियड्स ही क्यों न हों।
निष्कर्ष
पीरियड्स के दौरान एक्सरसाइज करना बिल्कुल सुरक्षित है, बशर्ते आप हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट से बचें और हल्की गतिविधियों जैसे वॉकिंग, योग, और स्ट्रेचिंग को चुनें।
यह न केवल शारीरिक दर्द को कम करता है बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है।
तो अगली बार जब पीरियड्स आएं, पूरी तरह से वर्कआउट छोड़ने के बजाय अपने शरीर की क्षमता के हिसाब से हल्की एक्सरसाइज जरूर करें।